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राष्ट्रीय सवर्ण दल ने यूजीसी सहित सात सूत्रीय मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

सवर्णों के अधिकारों पर पुनर्विचार की मांग

राष्ट्रीय सवर्ण दल ने यूजीसी सहित सात सूत्रीय मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन


राजगढ़ में तहसीलदार के माध्यम से भेजा गया मांग-पत्र,


सवर्णों के अधिकारों पर पुनर्विचार की मांग


राजगढ़ (अलवर)। राष्ट्रीय सवर्ण दल राजस्थान, जयपुर के आह्वान पर सवर्ण समाज से जुड़े विभिन्न संगठनों एवं जागरूक नागरिकों ने यूजीसी विनियम 2026 सहित सात सूत्रीय मांगों को लेकर महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के नाम एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन तहसीलदार कल्याण साहब मीणा को सौंपा गया, जिसे भारत सरकार, नई दिल्ली के लिए प्रेषित किया गया है। राष्ट्रीय सवर्ण दल के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में सवर्ण समाज से जुड़े वर्गों द्वारा देशभर में विभिन्न नीतियों को लेकर लगातार विरोध दर्ज कराया जा रहा है। इसी क्रम में यह ज्ञापन सौंपकर नीतिगत पुनर्विचार और समान अधिकारों की मांग रखी गई है।

सात सूत्रीय मांग-पत्र का विवरण
ज्ञापन में निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी गई हैं—
यूजीसी विनियम 2026 को तत्काल वापस लिया जाए।
वर्तमान राजनीतिक आरक्षण व्यवस्था में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग की आरक्षित सीटों पर सामान्य वर्ग के मतदाता होने के बावजूद चुनाव लड़ने के अधिकार से वंचित किए जाने पर पुनर्विचार किया जाए।
राजनीतिक आरक्षण व्यवस्था में सामान्य वर्ग को भी आरक्षित सीटों से चुनाव लड़ने का अधिकार प्रदान किया जाए।
अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग को बिना किसी मापदंड एवं समय-सीमा के लगातार आरक्षण दिए जाने की व्यवस्था की समीक्षा की जाए।
एससी-एसटी एक्ट के अंतर्गत बिना प्रारंभिक जांच गिरफ्तारी को असंवैधानिक बताते हुए उसकी समीक्षा की जाए।
जब सभी वर्गों के लिए आयोग गठित हैं, तो उसी तर्ज पर सामान्य वर्ग आयोग का गठन किया जाए।
शिक्षा और स्वास्थ्य को प्रत्येक नागरिक के लिए समान एवं निशुल्क किया जाए तथा इन क्षेत्रों में व्यावसायीकरण पर रोक लगाई जाए।
संगठनों का कहना: समानता आधारित व्यवस्था हो
राष्ट्रीय सवर्ण दल के पदाधिकारियों का कहना है कि वर्तमान नीतियां सामाजिक संतुलन को प्रभावित कर रही हैं और समान नागरिक अधिकारों की अवधारणा पर आधारित पुनर्विचार आवश्यक हो गया है।
ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से अनुरोध किया गया है कि इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर संवैधानिक और न्यायसंगत समाधान निकाला जाए।
ज्ञापन सौंपते समय ये रहे मौजूद
इस अवसर पर राष्ट्रीय सवर्ण दल एवं अन्य संगठनों के कई पदाधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से—
बेनी प्रसाद लाटा – प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय सवर्ण दल राजस्थान
बाबा त्रिलोक तिवारी – प्रदेश अध्यक्ष
देशबंधु जोशी – प्रदेश संरक्षक, राष्ट्रीय सवर्ण दल राजस्थान
आजाद मंच भारत के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
राजू भैया मददगार
एडवोकेट व्यास, एडवोकेट पालीवाल
सहित अनेक अधिवक्ता एवं सर्व समाज के जागरूक नागरिक
सभी की ओर से हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा गया।
आगे भी जारी रहेगा आंदोलन का क्रम
संगठन से जुड़े पदाधिकारियों ने संकेत दिए कि यदि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती है, तो भविष्य में लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहकर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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